महत्वपूर्ण अधिनियम (1773–1935) – Complete Notes + MCQ Practice

 


महत्वपूर्ण अधिनियम (Acts) – 1773 से 1935 तक : परिचय

भारत के इतिहास में ब्रिटिश शासन के दौरान कई महत्वपूर्ण अधिनियम (Acts) बनाए गए, जिन्होंने भारत की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और राजनीतिक ढांचे को गहराई से प्रभावित किया। जब अंग्रेज भारत में व्यापार करने के लिए आए थे, तब उनका मुख्य उद्देश्य केवल व्यापार करना था। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भारत के कई क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और शासन करने लगे। इस शासन को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए ब्रिटिश संसद ने समय-समय पर कई कानून बनाए, जिन्हें अधिनियम (Acts) कहा जाता है।

इन अधिनियमों का मुख्य उद्देश्य भारत के प्रशासन को नियंत्रित करना, ईस्ट इंडिया कंपनी की शक्तियों को व्यवस्थित करना और बाद में ब्रिटिश सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण को मजबूत करना था। 1773 से लेकर 1935 तक बनाए गए कई अधिनियम भारतीय प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास के महत्वपूर्ण चरण माने जाते हैं। इन अधिनियमों के माध्यम से धीरे-धीरे भारत की शासन प्रणाली में बदलाव किए गए और अंततः यही बदलाव भारत की स्वतंत्रता की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुए।

सबसे पहला महत्वपूर्ण अधिनियम 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट था। इस अधिनियम के माध्यम से ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन पर नियंत्रण स्थापित किया। इसके बाद 1784 का पिट्स इंडिया एक्ट लागू किया गया, जिसने ब्रिटिश सरकार को भारत के मामलों पर अधिक अधिकार प्रदान किए। इन अधिनियमों ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारत का प्रशासन केवल कंपनी के हाथों में नहीं रहेगा, बल्कि ब्रिटिश सरकार भी इसमें सीधे हस्तक्षेप करेगी।

इसके बाद धीरे-धीरे भारत में राजनीतिक सुधारों की मांग बढ़ने लगी। भारतीयों ने प्रशासन में भागीदारी और अधिकारों की मांग करनी शुरू कर दी। इसी पृष्ठभूमि में 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम (मॉर्ले-मिंटो सुधार) लाया गया। इस अधिनियम के माध्यम से भारतीयों को पहली बार विधायी परिषदों में सीमित रूप से प्रतिनिधित्व दिया गया। हालांकि इसमें अलग निर्वाचन प्रणाली (Separate Electorate) भी शुरू की गई, जिसने आगे चलकर भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला।

इसके बाद 1919 का भारत सरकार अधिनियम (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) लागू किया गया। इस अधिनियम के तहत प्रांतीय स्तर पर द्वैध शासन प्रणाली (Dyarchy) लागू की गई और भारतीयों को प्रशासन में थोड़ी अधिक भागीदारी दी गई। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह सफल नहीं रही, लेकिन इससे भारतीयों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी।

अंत में 1935 का भारत सरकार अधिनियम ब्रिटिश काल का सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण अधिनियम माना जाता है। इस अधिनियम के तहत प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) लागू की गई और संघीय शासन व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की गई। इस अधिनियम ने भारत की भविष्य की शासन व्यवस्था की नींव रखी और बाद में भारत के संविधान निर्माण में भी इसके कई प्रावधानों का प्रभाव देखा गया।

इस प्रकार 1773 से 1935 तक के ये महत्वपूर्ण अधिनियम भारत के प्रशासनिक और राजनीतिक विकास की कहानी को दर्शाते हैं। इन अधिनियमों के माध्यम से भारत में शासन व्यवस्था धीरे-धीरे बदलती गई और अंततः यही परिवर्तन भारत की स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुए।


 

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 (Regulating Act 1773)

1773 का रेगुलेटिंग एक्ट भारत के प्रशासन से संबंधित पहला महत्वपूर्ण कानून था जिसे ब्रिटिश संसद ने पारित किया था। उस समय भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन था और कंपनी के अधिकारियों में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था की शिकायतें बढ़ रही थीं। इन समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने यह अधिनियम लागू किया। इस एक्ट के माध्यम से पहली बार ब्रिटिश संसद ने भारत के प्रशासन में सीधे हस्तक्षेप किया।

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 की प्रमुख विशेषताएँ

बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बनाया गया

इस अधिनियम के तहत बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल का पद दिया गया। वॉरेन हेस्टिंग्स भारत के पहले गवर्नर जनरल बने। उनके साथ चार सदस्यीय परिषद बनाई गई जो प्रशासनिक निर्णयों में मदद करती थी।

सुप्रीम कोर्ट की स्थापना

इस एक्ट के अंतर्गत 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की गई। यह भारत का पहला सर्वोच्च न्यायालय था। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को व्यवस्थित करना था।

कंपनी के अधिकारियों पर नियंत्रण

रेगुलेटिंग एक्ट के अनुसार कंपनी के अधिकारी निजी व्यापार नहीं कर सकते थे और उन्हें रिश्वत लेने से भी रोका गया। इससे भ्रष्टाचार को कम करने का प्रयास किया गया।

महत्व

ब्रिटिश नियंत्रण की शुरुआत

यह पहला ऐसा कानून था जिससे ब्रिटिश संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन पर नियंत्रण स्थापित किया।

प्रशासनिक सुधार

इस अधिनियम ने भारत में प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में पहला कदम रखा।


पिट्स इंडिया एक्ट 1784 (Pitt’s India Act 1784)

परिचय

1784 का पिट्स इंडिया एक्ट ब्रिटिश प्रधानमंत्री विलियम पिट के नाम पर रखा गया था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत के प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार का अधिक नियंत्रण स्थापित करना था। रेगुलेटिंग एक्ट 1773 में कई कमियाँ थीं, इसलिए उन्हें सुधारने के लिए यह नया अधिनियम लागू किया गया।

पिट्स इंडिया एक्ट की प्रमुख विशेषताएँ

नियंत्रण बोर्ड की स्थापना

इस एक्ट के तहत ब्रिटेन में एक कंट्रोल बोर्ड (Board of Control) की स्थापना की गई। इस बोर्ड के माध्यम से ब्रिटिश सरकार भारत के प्रशासन पर निगरानी रखती थी।

कंपनी और सरकार के बीच शक्ति का विभाजन

इस अधिनियम में प्रशासनिक और व्यापारिक कार्यों को अलग कर दिया गया। व्यापार का काम कंपनी के पास रहा जबकि प्रशासनिक नियंत्रण ब्रिटिश सरकार के पास चला गया।

गवर्नर जनरल की शक्ति बढ़ाई गई

इस एक्ट के तहत गवर्नर जनरल की शक्तियों को बढ़ाया गया और उन्हें अन्य प्रांतों के गवर्नरों पर भी अधिकार दिया गया।

महत्व

दोहरी शासन व्यवस्था

इस अधिनियम से भारत में एक प्रकार की दोहरी शासन व्यवस्था शुरू हुई जिसमें कंपनी और ब्रिटिश सरकार दोनों की भूमिका थी।

ब्रिटिश नियंत्रण मजबूत हुआ

इस एक्ट के बाद भारत के प्रशासन में ब्रिटिश सरकार का प्रभाव और अधिक बढ़ गया।


भारतीय परिषद अधिनियम 1909 (Morley-Minto Reforms)

परिचय

1909 का भारतीय परिषद अधिनियम मॉर्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी जाना जाता है। उस समय भारत में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही थी और भारतीय लोग प्रशासन में भागीदारी की मांग कर रहे थे। इन मांगों को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश सरकार ने यह अधिनियम लागू किया।

प्रमुख विशेषताएँ

विधायी परिषदों का विस्तार

इस अधिनियम के तहत केंद्रीय और प्रांतीय विधायी परिषदों के सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई। इससे भारतीयों को प्रशासन में अधिक भागीदारी मिली।

अलग निर्वाचन प्रणाली

इस एक्ट के तहत मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन प्रणाली (Separate Electorate) शुरू की गई। इसका मतलब था कि मुसलमान अपने प्रतिनिधि स्वयं चुन सकते थे।

भारतीयों की भागीदारी

पहली बार भारतीयों को कार्यकारी परिषद में भी शामिल किया गया।

महत्व

राजनीतिक भागीदारी की शुरुआत

इस अधिनियम से भारतीयों को प्रशासन में सीमित रूप से भाग लेने का अवसर मिला।

अलग निर्वाचन का प्रभाव

अलग निर्वाचन प्रणाली ने भारतीय राजनीति में साम्प्रदायिकता को बढ़ावा दिया।


भारत सरकार अधिनियम 1919 (Montagu-Chelmsford Reforms)

परिचय

1919 का भारत सरकार अधिनियम मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से जाना जाता है। इस अधिनियम का उद्देश्य भारत में प्रशासनिक सुधार करना और भारतीयों को शासन में अधिक भागीदारी देना था।

प्रमुख विशेषताएँ

द्वैध शासन प्रणाली (Dyarchy)

इस अधिनियम के तहत प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई। इसमें प्रशासनिक विषयों को दो भागों में बांटा गया – आरक्षित विषय और हस्तांतरित विषय।

केंद्रीय और प्रांतीय स्तर पर सुधार

केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों के अधिकारों को अलग किया गया और प्रशासनिक ढांचे को थोड़ा अधिक व्यवस्थित बनाया गया।

विधायी परिषदों का विस्तार

इस अधिनियम के तहत परिषदों के अधिकार और सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई।

महत्व

भारतीयों की बढ़ती भागीदारी

इस अधिनियम से भारतीयों की प्रशासन में भागीदारी बढ़ी।

भविष्य के सुधारों की नींव

इस अधिनियम ने आगे आने वाले राजनीतिक सुधारों के लिए रास्ता तैयार किया।


भारत सरकार अधिनियम 1935 (Government of India Act 1935)

परिचय

1935 का भारत सरकार अधिनियम ब्रिटिश काल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अधिनियम माना जाता है। यह अधिनियम साइमन कमीशन और गोलमेज सम्मेलन के बाद बनाया गया था। इसका उद्देश्य भारत में एक नई प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना था।

प्रमुख विशेषताएँ

प्रांतीय स्वायत्तता

इस अधिनियम के तहत प्रांतों को स्वायत्तता दी गई। अब प्रांतीय सरकारें कई मामलों में स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकती थीं।

संघीय शासन व्यवस्था

इस एक्ट में भारत में संघीय शासन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन था।

निर्वाचन व्यवस्था का विस्तार

इस अधिनियम के तहत अधिक लोगों को मतदान का अधिकार दिया गया।

महत्व

संविधान की आधारशिला

भारत के वर्तमान संविधान के कई प्रावधान इसी अधिनियम से प्रभावित हैं।

प्रशासनिक सुधार

इस अधिनियम ने भारत में आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की नींव रखी।


 

महत्वपूर्ण अधिनियम (Acts) MCQ Practice Set –  Questions


प्रश्न 1

रेगुलेटिंग एक्ट कब पारित किया गया था?

(A) 1765
(B) 1773
(C) 1784
(D) 1793

सही उत्तर: (B) 1773

व्याख्या:
1773 का रेगुलेटिंग एक्ट भारत के प्रशासन से संबंधित पहला महत्वपूर्ण कानून था। इसके माध्यम से ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों पर नियंत्रण स्थापित किया।

Extra Information:

  1. यह ब्रिटिश संसद द्वारा पारित पहला प्रशासनिक कानून था।

  2. इससे कंपनी के भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास किया गया।

  3. इस एक्ट ने भारत में केंद्रीकृत प्रशासन की शुरुआत की।


प्रश्न 2

भारत का पहला गवर्नर जनरल कौन बना?

(A) लॉर्ड क्लाइव
(B) वॉरेन हेस्टिंग्स
(C) लॉर्ड कर्नवालिस
(D) लॉर्ड वेलेजली

सही उत्तर: (B) वॉरेन हेस्टिंग्स

व्याख्या:
रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बनाया गया और वॉरेन हेस्टिंग्स भारत के पहले गवर्नर जनरल बने।

Extra Information:

  1. वॉरेन हेस्टिंग्स का कार्यकाल 1773–1785 था।

  2. उन्होंने कई प्रशासनिक सुधार किए।

  3. उनके समय में न्याय व्यवस्था में भी सुधार हुए।


प्रश्न 3

कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना कब हुई?

(A) 1774
(B) 1773
(C) 1784
(D) 1781

सही उत्तर: (A) 1774

व्याख्या:
रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की गई थी।

Extra Information:

  1. यह भारत का पहला सुप्रीम कोर्ट था।

  2. इसमें एक मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश थे।

  3. इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को मजबूत करना था।


प्रश्न 4

पिट्स इंडिया एक्ट कब पारित किया गया था?

(A) 1773
(B) 1784
(C) 1793
(D) 1813

सही उत्तर: (B) 1784

व्याख्या:
पिट्स इंडिया एक्ट 1784 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री विलियम पिट के नाम पर पारित किया गया था। इसका उद्देश्य भारत के प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण बढ़ाना था।

Extra Information:

  1. इसे Pitt’s India Act कहा जाता है।

  2. इससे ब्रिटिश सरकार की शक्ति बढ़ी।

  3. कंपनी और सरकार के बीच कार्य विभाजन हुआ।


प्रश्न 5

पिट्स इंडिया एक्ट के तहत किस संस्था की स्थापना की गई?

(A) सुप्रीम कोर्ट
(B) कंट्रोल बोर्ड
(C) विधान परिषद
(D) संसद समिति

सही उत्तर: (B) कंट्रोल बोर्ड

व्याख्या:
पिट्स इंडिया एक्ट 1784 के तहत Board of Control की स्थापना की गई थी, जो भारत के प्रशासन की निगरानी करता था।

Extra Information:

  1. इस बोर्ड में ब्रिटिश मंत्री शामिल थे।

  2. इससे सरकार का नियंत्रण बढ़ा।

  3. यह कंपनी के राजनीतिक मामलों को नियंत्रित करता था।


प्रश्न 6

1909 के भारतीय परिषद अधिनियम को किस नाम से जाना जाता है?

(A) मिंटो सुधार
(B) मॉर्ले सुधार
(C) मॉर्ले-मिंटो सुधार
(D) चेम्सफोर्ड सुधार

सही उत्तर: (C) मॉर्ले-मिंटो सुधार

व्याख्या:
1909 का भारतीय परिषद अधिनियम मॉर्ले-मिंटो सुधार के नाम से प्रसिद्ध है।

Extra Information:

  1. लॉर्ड मॉर्ले ब्रिटेन के सचिव थे।

  2. लॉर्ड मिंटो भारत के वायसराय थे।

  3. इसी कारण इसे मॉर्ले-मिंटो सुधार कहा जाता है।


प्रश्न 7

1909 के अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?

(A) संघीय व्यवस्था
(B) अलग निर्वाचन प्रणाली
(C) द्वैध शासन
(D) प्रांतीय स्वायत्तता

सही उत्तर: (B) अलग निर्वाचन प्रणाली

व्याख्या:
1909 के अधिनियम के तहत मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन प्रणाली (Separate Electorate) लागू की गई।

Extra Information:

  1. मुस्लिम लीग ने इसकी मांग की थी।

  2. इससे साम्प्रदायिक राजनीति बढ़ी।

  3. बाद में यह भारतीय राजनीति में विवाद का कारण बना।


प्रश्न 8

1919 के अधिनियम को किस नाम से जाना जाता है?

(A) मॉर्ले-मिंटो सुधार
(B) मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार
(C) पिट्स सुधार
(D) रेगुलेटिंग सुधार

सही उत्तर: (B) मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार

व्याख्या:
1919 का भारत सरकार अधिनियम मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से प्रसिद्ध है।

Extra Information:

  1. एडविन मॉन्टेग्यू ब्रिटिश सचिव थे।

  2. लॉर्ड चेम्सफोर्ड भारत के वायसराय थे।

  3. इनके नाम पर यह सुधार जाना जाता है।


प्रश्न 9

द्वैध शासन (Dyarchy) किस अधिनियम से शुरू हुआ?

(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935
(D) 1773

सही उत्तर: (B) 1919

व्याख्या:
1919 के अधिनियम के तहत प्रांतीय स्तर पर द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई।

Extra Information:

  1. विषयों को आरक्षित और हस्तांतरित में बांटा गया।

  2. आरक्षित विषय गवर्नर के पास थे।

  3. हस्तांतरित विषय भारतीय मंत्रियों को दिए गए।


प्रश्न 10

1935 का भारत सरकार अधिनियम किसके बाद बनाया गया?

(A) साइमन कमीशन
(B) गोलमेज सम्मेलन
(C) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (C) दोनों

व्याख्या:
1935 का अधिनियम साइमन कमीशन और गोलमेज सम्मेलनों की सिफारिशों के आधार पर बनाया गया था।

Extra Information:

  1. यह ब्रिटिश काल का सबसे बड़ा अधिनियम था।

  2. इसमें 321 धाराएँ थीं।

  3. यह भारतीय संविधान के लिए आधार बना।


प्रश्न 11

प्रांतीय स्वायत्तता किस अधिनियम में दी गई?

(A) 1919
(B) 1935
(C) 1909
(D) 1773

सही उत्तर: (B) 1935

व्याख्या:
1935 के अधिनियम के तहत प्रांतों को स्वायत्तता दी गई थी।

Extra Information:

  1. प्रांतों में जिम्मेदार सरकार बनी।

  2. गवर्नर की भूमिका बनी रही।

  3. इससे प्रांतीय राजनीति विकसित हुई।


प्रश्न 12

भारत में संघीय शासन का प्रस्ताव किस अधिनियम में था?

(A) 1919
(B) 1935
(C) 1784
(D) 1909

सही उत्तर: (B) 1935

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में भारत में संघीय शासन व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया था।

Extra Information:

  1. इसमें केंद्र और प्रांतों के बीच शक्ति विभाजन था।

  2. यह पूरी तरह लागू नहीं हो पाया।

  3. बाद में संविधान में संघीय ढांचा अपनाया गया।


 

प्रश्न 13

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के अनुसार गवर्नर जनरल की सहायता के लिए कितने सदस्यों की परिषद बनाई गई थी?

(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5

सही उत्तर: (C) 4

व्याख्या:
रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत गवर्नर जनरल की सहायता के लिए चार सदस्यीय परिषद बनाई गई थी। यह परिषद प्रशासनिक निर्णय लेने में मदद करती थी।

Extra Information:

  1. परिषद के निर्णय बहुमत से लिए जाते थे।

  2. वॉरेन हेस्टिंग्स इसके प्रमुख थे।

  3. परिषद के कारण प्रशासन अधिक संगठित हुआ।


प्रश्न 14

1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत सुप्रीम कोर्ट कहाँ स्थापित किया गया?

(A) मद्रास
(B) बंबई
(C) कलकत्ता
(D) दिल्ली

सही उत्तर: (C) कलकत्ता

व्याख्या:
रेगुलेटिंग एक्ट के तहत 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की गई थी।

Extra Information:

  1. इसके पहले मुख्य न्यायाधीश एलिजा इम्पे थे।

  2. यह ब्रिटिश कानून के आधार पर कार्य करता था।

  3. इसका अधिकार क्षेत्र कलकत्ता तक सीमित था।


प्रश्न 15

पिट्स इंडिया एक्ट 1784 के तहत भारत के राजनीतिक मामलों की देखरेख कौन करता था?

(A) संसद
(B) सुप्रीम कोर्ट
(C) बोर्ड ऑफ कंट्रोल
(D) गवर्नर परिषद

सही उत्तर: (C) बोर्ड ऑफ कंट्रोल

व्याख्या:
पिट्स इंडिया एक्ट 1784 के तहत बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की गई जो भारत के राजनीतिक मामलों की देखरेख करता था।

Extra Information:

  1. इसमें ब्रिटिश सरकार के मंत्री शामिल थे।

  2. यह कंपनी के कार्यों की निगरानी करता था।

  3. इससे सरकार का नियंत्रण बढ़ा।


प्रश्न 16

पिट्स इंडिया एक्ट के बाद भारत में किस प्रकार की शासन व्यवस्था शुरू हुई?

(A) संघीय शासन
(B) एकल शासन
(C) दोहरी शासन व्यवस्था
(D) लोकतांत्रिक शासन

सही उत्तर: (C) दोहरी शासन व्यवस्था

व्याख्या:
इस एक्ट के बाद भारत में कंपनी और ब्रिटिश सरकार दोनों के नियंत्रण वाली दोहरी शासन व्यवस्था लागू हुई।

Extra Information:

  1. व्यापार कंपनी के पास रहा।

  2. प्रशासनिक नियंत्रण सरकार के पास था।

  3. इससे ब्रिटिश प्रभाव बढ़ा।


प्रश्न 17

1909 के भारतीय परिषद अधिनियम के समय भारत के वायसराय कौन थे?

(A) लॉर्ड कर्जन
(B) लॉर्ड मिंटो
(C) लॉर्ड रिपन
(D) लॉर्ड इरविन

सही उत्तर: (B) लॉर्ड मिंटो

व्याख्या:
1909 का अधिनियम लॉर्ड मिंटो के वायसराय काल में लागू हुआ था, इसलिए इसे मॉर्ले-मिंटो सुधार कहा जाता है।

Extra Information:

  1. जॉन मॉर्ले ब्रिटेन के सचिव थे।

  2. इस सुधार से परिषद का विस्तार हुआ।

  3. भारतीयों को सीमित प्रतिनिधित्व मिला।


प्रश्न 18

भारत के इतिहास में पहली बार अलग निर्वाचन प्रणाली किस अधिनियम से शुरू हुई?

(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935
(D) 1773

सही उत्तर: (A) 1909

व्याख्या:
1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधार के तहत मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन प्रणाली लागू की गई।

Extra Information:

  1. मुस्लिम लीग ने इसकी मांग की थी।

  2. इससे साम्प्रदायिक राजनीति को बढ़ावा मिला।

  3. बाद में संविधान निर्माण में इसे समाप्त किया गया।


प्रश्न 19

1919 के भारत सरकार अधिनियम में द्वैध शासन किस स्तर पर लागू किया गया?

(A) केंद्र
(B) प्रांत
(C) जिला
(D) नगर

सही उत्तर: (B) प्रांत

व्याख्या:
1919 के अधिनियम के तहत प्रांतीय स्तर पर द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई।

Extra Information:

  1. विषय दो भागों में बांटे गए।

  2. आरक्षित विषय गवर्नर के पास थे।

  3. हस्तांतरित विषय भारतीय मंत्रियों को दिए गए।


प्रश्न 20

द्वैध शासन प्रणाली में ‘आरक्षित विषय’ किसके नियंत्रण में थे?

(A) भारतीय मंत्री
(B) गवर्नर
(C) विधान परिषद
(D) संसद

सही उत्तर: (B) गवर्नर

व्याख्या:
द्वैध शासन में आरक्षित विषय गवर्नर के नियंत्रण में रहते थे।

Extra Information:

  1. रक्षा और पुलिस आरक्षित विषय थे।

  2. भारतीय मंत्रियों को सीमित अधिकार मिले।

  3. यह व्यवस्था सफल नहीं रही।


प्रश्न 21

1919 के अधिनियम के तहत कौन सा सदन बनाया गया?

(A) लोकसभा
(B) राज्यसभा
(C) केंद्रीय विधानमंडल
(D) विधानसभा

सही उत्तर: (C) केंद्रीय विधानमंडल

व्याख्या:
1919 के अधिनियम के तहत केंद्रीय स्तर पर द्विसदनीय विधानमंडल बनाया गया।

Extra Information:

  1. इसमें राज्य परिषद और केंद्रीय विधानसभा थी।

  2. यह भारत की पहली द्विसदनीय व्यवस्था थी।

  3. इससे विधायी कार्यों में वृद्धि हुई।


प्रश्न 22

1935 के अधिनियम के तहत प्रांतों को क्या दिया गया?

(A) पूर्ण स्वतंत्रता
(B) स्वायत्तता
(C) सैन्य अधिकार
(D) न्यायिक अधिकार

सही उत्तर: (B) स्वायत्तता

व्याख्या:
1935 के अधिनियम के तहत प्रांतों को स्वायत्तता दी गई थी।

Extra Information:

  1. प्रांतों में जिम्मेदार सरकार बनी।

  2. मंत्रियों की नियुक्ति हुई।

  3. प्रशासनिक अधिकार बढ़े।


प्रश्न 23

1935 के अधिनियम में संघीय व्यवस्था किसके बीच प्रस्तावित थी?

(A) केंद्र और प्रांत
(B) प्रांत और जिला
(C) केंद्र और जिला
(D) प्रांत और नगर

सही उत्तर: (A) केंद्र और प्रांत

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में केंद्र और प्रांतों के बीच संघीय व्यवस्था प्रस्तावित थी।

Extra Information:

  1. इसमें रियासतों को भी शामिल करने का प्रस्ताव था।

  2. यह पूरी तरह लागू नहीं हो पाया।

  3. बाद में संविधान में संघीय ढांचा अपनाया गया।


प्रश्न 24

भारत सरकार अधिनियम 1935 में कितनी धाराएँ थीं?

(A) 200
(B) 250
(C) 321
(D) 350

सही उत्तर: (C) 321

व्याख्या:
1935 का अधिनियम बहुत विस्तृत था और इसमें 321 धाराएँ थीं।

Extra Information:

  1. यह ब्रिटिश काल का सबसे बड़ा अधिनियम था।

  2. इसमें कई प्रशासनिक सुधार थे।

  3. संविधान निर्माण में इसका प्रभाव पड़ा।


प्रश्न 25

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) व्यापार बढ़ाना
(B) कंपनी पर नियंत्रण
(C) कर बढ़ाना
(D) सेना बनाना

सही उत्तर: (B) कंपनी पर नियंत्रण

व्याख्या:
इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन पर नियंत्रण स्थापित करना था।

Extra Information:

  1. भ्रष्टाचार रोकने का प्रयास किया गया।

  2. प्रशासन को व्यवस्थित किया गया।

  3. ब्रिटिश हस्तक्षेप की शुरुआत हुई।


प्रश्न 26

पिट्स इंडिया एक्ट किस वर्ष लागू हुआ?

(A) 1780
(B) 1784
(C) 1790
(D) 1793

सही उत्तर: (B) 1784

व्याख्या:
1784 में पिट्स इंडिया एक्ट लागू हुआ जिसने भारत के प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण बढ़ाया।

Extra Information:

  1. इसे Pitt’s India Act कहा जाता है।

  2. विलियम पिट इसके प्रस्तावक थे।

  3. इससे प्रशासनिक सुधार हुए।


प्रश्न 27

1909 के अधिनियम से किस वर्ग को अलग निर्वाचन मिला?

(A) हिंदू
(B) मुसलमान
(C) सिख
(D) ईसाई

सही उत्तर: (B) मुसलमान

व्याख्या:
1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधार के तहत मुसलमानों को अलग निर्वाचन का अधिकार दिया गया।

Extra Information:

  1. मुस्लिम लीग की मांग थी।

  2. इससे साम्प्रदायिक राजनीति बढ़ी।

  3. आगे चलकर विवाद का कारण बना।


प्रश्न 28

1919 के अधिनियम में द्वैध शासन किस क्षेत्र में लागू नहीं था?

(A) केंद्र
(B) प्रांत
(C) दोनों
(D) कोई नहीं

सही उत्तर: (A) केंद्र

व्याख्या:
द्वैध शासन केवल प्रांतों में लागू था, केंद्र में नहीं।

Extra Information:

  1. केंद्र में वायसराय का नियंत्रण था।

  2. प्रांतों में प्रयोग के रूप में लागू हुआ।

  3. बाद में इसे समाप्त कर दिया गया।


प्रश्न 29

1935 के अधिनियम के तहत निर्वाचन अधिकार किसमें बढ़ाया गया?

(A) जनता
(B) सैनिक
(C) अधिकारी
(D) व्यापारी

सही उत्तर: (A) जनता

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में अधिक लोगों को मतदान का अधिकार दिया गया।

Extra Information:

  1. मतदाताओं की संख्या बढ़ी।

  2. राजनीतिक भागीदारी बढ़ी।

  3. लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हुई।


प्रश्न 30

भारत के संविधान पर किस अधिनियम का सबसे अधिक प्रभाव माना जाता है?

(A) 1919
(B) 1909
(C) 1935
(D) 1773

सही उत्तर: (C) 1935

व्याख्या:
भारत सरकार अधिनियम 1935 के कई प्रावधान भारतीय संविधान में शामिल किए गए।

Extra Information:

  1. संघीय ढांचा इसी से प्रभावित है।

  2. प्रांतीय स्वायत्तता का विचार यहीं से आया।

  3. प्रशासनिक ढांचे की नींव इसी से पड़ी।


 

प्रश्न 31

ईस्ट इंडिया कंपनी पर ब्रिटिश संसद का पहला नियंत्रण किस अधिनियम से शुरू हुआ?

(A) 1784
(B) 1773
(C) 1909
(D) 1919

सही उत्तर: (B) 1773

व्याख्या:
1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के माध्यम से ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन पर नियंत्रण स्थापित किया।

Extra Information:

  1. यह भारत के प्रशासन का पहला प्रमुख कानून था।

  2. इससे कंपनी की शक्तियों पर निगरानी शुरू हुई।

  3. इससे केंद्रीकृत प्रशासन की शुरुआत हुई।


प्रश्न 32

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के समय ब्रिटेन का सम्राट कौन था?

(A) जॉर्ज III
(B) जॉर्ज II
(C) एडवर्ड VII
(D) विलियम IV

सही उत्तर: (A) जॉर्ज III

व्याख्या:
1773 में जब रेगुलेटिंग एक्ट पारित हुआ, उस समय ब्रिटेन के राजा जॉर्ज III थे।

Extra Information:

  1. उनका शासनकाल 1760–1820 था।

  2. इसी समय अमेरिका में स्वतंत्रता संग्राम भी हुआ।

  3. उनके शासन में कई उपनिवेशों का विस्तार हुआ।


प्रश्न 33

पिट्स इंडिया एक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) व्यापार बढ़ाना
(B) भारतीयों को अधिकार देना
(C) ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण बढ़ाना
(D) सेना बनाना

सही उत्तर: (C) ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण बढ़ाना

व्याख्या:
पिट्स इंडिया एक्ट का मुख्य उद्देश्य भारत के प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण मजबूत करना था।

Extra Information:

  1. इससे बोर्ड ऑफ कंट्रोल बना।

  2. कंपनी और सरकार के बीच कार्य विभाजन हुआ।

  3. राजनीतिक मामलों पर सरकार का अधिकार बढ़ा।


प्रश्न 34

मॉर्ले-मिंटो सुधार किस वर्ष लागू हुए?

(A) 1905
(B) 1909
(C) 1911
(D) 1915

सही उत्तर: (B) 1909

व्याख्या:
1909 का भारतीय परिषद अधिनियम मॉर्ले-मिंटो सुधार के नाम से जाना जाता है।

Extra Information:

  1. परिषदों का विस्तार किया गया।

  2. भारतीयों को सीमित प्रतिनिधित्व मिला।

  3. अलग निर्वाचन प्रणाली शुरू हुई।


प्रश्न 35

मॉर्ले-मिंटो सुधार में पहली बार क्या लागू हुआ?

(A) संघीय शासन
(B) द्वैध शासन
(C) अलग निर्वाचन
(D) प्रांतीय स्वायत्तता

सही उत्तर: (C) अलग निर्वाचन

व्याख्या:
1909 के अधिनियम में पहली बार मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन प्रणाली लागू की गई।

Extra Information:

  1. मुस्लिम लीग ने इसकी मांग की थी।

  2. इससे साम्प्रदायिक राजनीति बढ़ी।

  3. बाद में इसे समाप्त कर दिया गया।


प्रश्न 36

1919 के अधिनियम के तहत प्रांतीय प्रशासन को किस प्रकार विभाजित किया गया?

(A) दो भागों में
(B) तीन भागों में
(C) चार भागों में
(D) पांच भागों में

सही उत्तर: (A) दो भागों में

व्याख्या:
1919 के अधिनियम में प्रशासन को आरक्षित और हस्तांतरित विषयों में विभाजित किया गया।

Extra Information:

  1. इसे द्वैध शासन कहा जाता है।

  2. गवर्नर आरक्षित विषय संभालता था।

  3. मंत्री हस्तांतरित विषय संभालते थे।


प्रश्न 37

द्वैध शासन प्रणाली किस अधिनियम से समाप्त हुई?

(A) 1919
(B) 1935
(C) 1909
(D) 1784

सही उत्तर: (B) 1935

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में द्वैध शासन समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता लागू की गई।

Extra Information:

  1. प्रांतों को अधिक अधिकार मिले।

  2. मंत्रियों की भूमिका बढ़ी।

  3. प्रशासनिक ढांचा मजबूत हुआ।


प्रश्न 38

1935 के अधिनियम में कितनी सूचियाँ बनाई गई थीं?

(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5

सही उत्तर: (B) 3

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में विषयों को तीन सूचियों में बांटा गया था – संघ सूची, प्रांतीय सूची और समवर्ती सूची।

Extra Information:

  1. यही व्यवस्था संविधान में भी अपनाई गई।

  2. इससे शक्ति विभाजन स्पष्ट हुआ।

  3. संघीय व्यवस्था मजबूत हुई।


प्रश्न 39

भारत में पहली बार द्विसदनीय विधानमंडल किस अधिनियम से बना?

(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935
(D) 1773

सही उत्तर: (B) 1919

व्याख्या:
1919 के अधिनियम में केंद्रीय स्तर पर द्विसदनीय विधानमंडल बनाया गया।

Extra Information:

  1. राज्य परिषद ऊपरी सदन था।

  2. केंद्रीय विधानसभा निचला सदन था।

  3. इससे विधायी प्रक्रिया विकसित हुई।


प्रश्न 40

1935 के अधिनियम के तहत कौन सा पद समाप्त किया गया?

(A) गवर्नर
(B) वायसराय
(C) भारत सचिव
(D) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (D) इनमें से कोई नहीं

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में इन पदों को समाप्त नहीं किया गया बल्कि उनकी शक्तियों में बदलाव किया गया।

Extra Information:

  1. गवर्नर की शक्तियाँ बनी रहीं।

  2. वायसराय केंद्र का प्रमुख रहा।

  3. प्रशासनिक ढांचे में सुधार हुआ।


प्रश्न 41

भारत सरकार अधिनियम 1935 किस आयोग की सिफारिश पर आधारित था?

(A) हंटर आयोग
(B) साइमन आयोग
(C) सैडलर आयोग
(D) ली आयोग

सही उत्तर: (B) साइमन आयोग

व्याख्या:
1935 का अधिनियम साइमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया था।

Extra Information:

  1. साइमन आयोग 1927 में बना था।

  2. इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था।

  3. इसलिए भारत में इसका विरोध हुआ।


प्रश्न 42

मॉर्ले-मिंटो सुधार में भारतीयों को किसमें स्थान दिया गया?

(A) सेना
(B) कार्यकारी परिषद
(C) न्यायालय
(D) पुलिस

सही उत्तर: (B) कार्यकारी परिषद

व्याख्या:
1909 के अधिनियम में पहली बार भारतीयों को कार्यकारी परिषद में स्थान दिया गया।

Extra Information:

  1. सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा पहले भारतीय बने।

  2. इससे प्रशासन में भागीदारी बढ़ी।

  3. राजनीतिक जागरूकता बढ़ी।


प्रश्न 43

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के बाद कंपनी के अधिकारियों को क्या करने से रोका गया?

(A) व्यापार
(B) रिश्वत
(C) यात्रा
(D) सेना भर्ती

सही उत्तर: (B) रिश्वत

व्याख्या:
इस एक्ट में कंपनी के अधिकारियों को रिश्वत लेने से रोकने का प्रयास किया गया।

Extra Information:

  1. भ्रष्टाचार रोकने के लिए नियम बने।

  2. प्रशासन में सुधार हुआ।

  3. अधिकारियों पर निगरानी बढ़ी।


प्रश्न 44

भारत सरकार अधिनियम 1935 में मताधिकार किस प्रकार था?

(A) सार्वभौमिक
(B) सीमित
(C) पूर्ण
(D) अनिवार्य

सही उत्तर: (B) सीमित

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में मताधिकार सीमित था और सभी लोगों को मतदान का अधिकार नहीं मिला था।

Extra Information:

  1. केवल संपत्ति और शिक्षा के आधार पर अधिकार मिला।

  2. महिलाओं को भी सीमित अधिकार मिला।

  3. बाद में संविधान में सार्वभौमिक मताधिकार लागू हुआ।


प्रश्न 45

पिट्स इंडिया एक्ट के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

(A) वॉरेन हेस्टिंग्स
(B) कर्नवालिस
(C) वेलेजली
(D) डलहौजी

सही उत्तर: (A) वॉरेन हेस्टिंग्स

व्याख्या:
1784 में पिट्स इंडिया एक्ट लागू हुआ और उस समय भारत के गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स थे।

Extra Information:

  1. उनका कार्यकाल 1773–1785 था।

  2. वे पहले गवर्नर जनरल थे।

  3. उन्होंने कई प्रशासनिक सुधार किए।


प्रश्न 46

किस अधिनियम ने भारत में संघीय ढांचे की नींव रखी?

(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935
(D) 1773

सही उत्तर: (C) 1935

व्याख्या:
1935 के अधिनियम में संघीय शासन व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया।

Extra Information:

  1. केंद्र और प्रांतों में शक्ति विभाजन हुआ।

  2. संविधान ने इसे अपनाया।

  3. संघीय संरचना मजबूत हुई।


प्रश्न 47

द्वैध शासन प्रणाली किस क्षेत्र में लागू की गई थी?

(A) शिक्षा
(B) कृषि
(C) स्वास्थ्य
(D) सभी

सही उत्तर: (D) सभी

व्याख्या:
द्वैध शासन प्रणाली में कई प्रशासनिक विषय शामिल थे और उन्हें दो भागों में बांटा गया था।

Extra Information:

  1. कुछ विषय गवर्नर के पास थे।

  2. कुछ विषय मंत्रियों को दिए गए।

  3. यह प्रयोग सफल नहीं हुआ।


प्रश्न 48

भारत में आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की नींव किस अधिनियम से मजबूत हुई?

(A) 1773
(B) 1784
(C) 1935
(D) 1909

सही उत्तर: (C) 1935

व्याख्या:
1935 का अधिनियम प्रशासनिक दृष्टि से सबसे व्यापक था और आधुनिक व्यवस्था की नींव रखता है।

Extra Information:

  1. प्रांतीय स्वायत्तता लागू हुई।

  2. संघीय ढांचा प्रस्तावित हुआ।

  3. संविधान पर इसका प्रभाव पड़ा।


प्रश्न 49

भारत में राजनीतिक जागरूकता बढ़ने के बाद कौन सा अधिनियम लाया गया?

(A) 1909
(B) 1773
(C) 1784
(D) 1813

सही उत्तर: (A) 1909

व्याख्या:
भारतीयों की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता के कारण 1909 का अधिनियम लागू किया गया।

Extra Information:

  1. परिषदों का विस्तार हुआ।

  2. भारतीयों की भागीदारी बढ़ी।

  3. अलग निर्वाचन लागू हुआ।


प्रश्न 50

ब्रिटिश काल का सबसे बड़ा अधिनियम कौन सा था?

(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935
(D) 1773

सही उत्तर: (C) 1935

व्याख्या:
1935 का भारत सरकार अधिनियम ब्रिटिश काल का सबसे बड़ा और विस्तृत अधिनियम था।

Extra Information:

  1. इसमें 321 धाराएँ थीं।

  2. प्रशासनिक ढांचा विस्तृत था।

  3. भारतीय संविधान पर इसका प्रभाव पड़ा।


 

Post a Comment

0 Comments